नई दिल्ली: अपने तीखे सवालों और बेबाक शैली के लिए चर्चित वरिष्ठ टीवी पत्रकार अर्नब गोस्वामी एक बार फिर कानूनी विवाद में फंसते नजर आ रहे हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने कांग्रेस पार्टी द्वारा दायर मानहानि याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को गोस्वामी को तलब किया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए समन जारी करने का आदेश दिया, जिससे मीडिया और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
टीवी शो के बयान पर 2 करोड़ का दावा
यह मामला गोस्वामी के एक टीवी शो में दिए गए उस बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टी कांग्रेस का तुर्की में भी एक कार्यालय है। इस बयान पर आपत्ति जताते हुए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इसे छवि धूमिल करने की साजिश बताते हुए 2 करोड़ रुपये का मानहानि दावा ठोका है। पार्टी का कहना है कि इस बयान से उसकी राजनीतिक साख को नुकसान पहुंचा है।
जस्टिस मिनी पुष्करणा का आदेश, चार हफ्ते में जवाब तलब
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस मिनी पुष्करणा ने फिलहाल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार किया, लेकिन प्रतिवादी को समन जारी करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि विवादित प्रसारण मई 2025 में हुआ था, इसलिए समन जारी किया जा रहा है।
कांग्रेस की ओर से पेश वकील ने दलील दी कि संबंधित सामग्री अब भी इंटरनेट पर उपलब्ध है और इससे जुड़े कई लेख भी ऑनलाइन मौजूद हैं। इस पर अदालत ने सभी माध्यमों से समन और अंतरिम निषेधाज्ञा के नोटिस जारी करते हुए गोस्वामी को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई मई में निर्धारित की गई है।